मैं आपसे आज एक छोटी-सी दिल की बात कहना चाहता हूं। मैं जब आपके लिए प्रार्थना करता हूं तो मेरी इच्छा केवल यह नहीं होती कि आपकी परेशानियां दूर हो जाएं। मैं चाहता हूं कि आपका रिश्ता प्रभु के साथ और भी मजबूत हो जाए।
कभी-कभी जीवन में ऐसे दिन आते हैं जब हमें समझ नहीं आता कि आगे क्या होगा। हमारी मेहनत दिखाई नहीं देती, प्रार्थना का उत्तर तुरंत नहीं मिलता और मन भी थक जाता है। लेकिन ऐसे समय में हमें प्रभु को छोड़ना नहीं है। हो सकता है हमें रास्ता दिखाई न दे, लेकिन प्रभु को पूरा रास्ता दिखाई देता है। आइए, अब कुछ पल के लिए अपने सारे विचारों को एक तरफ रखें और मिलकर प्रभु की उपस्थिति में प्रार्थना शुरू करते हैं।
प्रिय भाइयों और बहनों, जय मसीह की।
आज इस ढलती शाम में हम अपने कृपालु परमेश्वर के चरणों में एकत्र हुए हैं।
पवित्र शास्त्र भजन संहिता 4:8 में लिखा है—'मैं चैन से लेट जाऊगा और सो रहूंगा; क्योंकि हे यहोवा, केवल तू ही मुझे निश्चिन्त और सुरक्षित रखता है।' कितना सुन्दर वचन हैं सचमुच यदि हम दिन रात परमेश्वर आगे प्रार्थना करते हैं तू सचमुच अपने वचन को पूरा करता है और रात के अंधेरे में भी हमारी रखवाली करता हैं।"
दिन भर का धन्यवाद और पश्चाताप
"हे प्यारे प्रभु यीशु, मेरे प्रेमी पिता... मैं इस शाम आपके अति पवित्र हुज़ूर में झुकता हूं। प्रभु, आज सुबह से लेकर इस शाम तक आपने मेरी और मेरे परिवार की जो सुरक्षा की, हमें संभालकर रखा, उसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं
पिता, आज के पूरे दिन में यदि मुझसे जाने-अनजाने में कोई भूल हुई हो, कड़वे शब्द निकले हों या कोई गलत विचार आया हो, तो मुझे अपने पवित्र लहू से धोकर शुद्ध कीजिए। मेरे मन को साफ कर दीजिए ताकि मैं आपकी उपस्थिति में विश्राम पा सकूं।"
थकावट, मानसिक शांति और सुरक्षा की प्रार्थना
"हे सामर्थी परमेश्वर, आज पूरे दिन के काम-काज के बाद मेरा शरीर और मन थक चुका है। मैं अपनी सारी चिंताएं, बोझ और मानसिक तनाव आपके चरणों में सौंपता हूं। मेरे हृदय से हर प्रकार की घबराहट और डर को यीशु के नाम से दूर कर दीजिए।
प्रभु यीशु, आज रात जब हम सोएं, तो आपकी स्वर्गीय शांति हमारे घरों पर छा जाए। हमारे घर की चारों दीवारों को अपने सामर्थी लहू से ढांप लीजिए। शैतान की हर एक बुरी योजना, बुरे सपनों और रात के हर एक भय को यीशु मसीह के नाम में निष्फल करते हैं।"
परिवार, सुखद नींद और आत्मिक आशिष
"हे दयालु पिता, इस प्रार्थना में शामिल हर एक भाई, बहन और बच्चे पर अपनी करुणा बनाए रखिए। जो लोग आज बीमार हैं या शारीरिक दर्द में हैं, उन्हें आज रात सोते समय आपकी ओर से चंगाई और ताज़गी मिले।
हमारे परिवार के हर सदस्य को मीठी और शांतिपूर्ण नींद दीजिए। कल की नई सुबह हम आपकी स्तुति करने के लिए नए बल और उत्साह के साथ उठ सकें। अपने पवित्र स्वर्गदूतों का पहरा हमारे घर के चारों ओर तैनात रखिए।"
अंतिम समर्पण
"प्रभु यीशु, हम अपनी आत्मा, देह और मन को आपके हाथों में सुरक्षित सौंपते हैं। हमारी इस नम्र विनती को सुनिए और स्वीकार कीजिए। इस प्रार्थना को प्रभु यीशु मसीह के अति पवित्र और मीठे नाम में मांगते हैं।
आमीन।"

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